Dream11 Return : अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा फैसला! इस दिन वापस होगा ड्रीम 11 के साथ अन्य ऐप्स को वापसी।

ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक और बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसने लाखों यूज़र्स को राहत की सांस दी है। लंबे समय से चल रहे कानूनी विवादों और अलग-अलग राज्यों के प्रतिबंधों के बीच अब कोर्ट ने एक स्पष्ट निर्देश जारी किया है, जिसके बाद Dream11, My11Circle, MPL, Rummy Circle जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। कोर्ट के इस ताज़ा रुख से यह साफ हो गया है कि फैंटेसी स्पोर्ट्स को पूरी तरह एक स्किल-बेस्ड डिजिटल एक्टिविटी माना जाएगा और खिलाड़ी दोबारा अपने पसंदीदा प्लेटफॉर्म्स पर लौट सकेंगे। नए आदेश के चलते इंडस्ट्री में फिर से तेजी देखने को मिल रही है और कंपनियों ने रिटर्न की तैयारियां तेज कर दी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या नया निर्देश दिया?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने नवीनतम बयान में दोहराया है कि फैंटेसी गेम्स को जुए की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि इसमें खिलाड़ी का ज्ञान, विश्लेषण, निर्णय क्षमता और स्किल सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के डिजिटल गेम्स को अवैध बताना उचित नहीं है, बशर्ते प्लेटफॉर्म पारदर्शिता और सुरक्षा के नियमों का पालन करते रहें। नई गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी राज्यों में एकसमान नीति लागू होनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी उलझन से बचा जा सके।

ऐप्स कब से दोबारा शुरू होंगे?

कोर्ट के आदेश के अनुसार, Dream11 और अन्य प्रमुख फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को 1 नवंबर 2025 से दोबारा ऑपरेशन शुरू करने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान सरकार और कंपनियों को मिलकर एक रजिस्ट्रेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार करना होगा ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। कंपनियों ने भी संकेत दिया है कि वे इस तारीख तक अपने ऐप्स को अपडेट कर उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित और पारदर्शी अनुभव तैयार कर देंगी।

खिलाड़ियों को क्या फायदा मिलेगा?

Dream11 जैसे प्लेटफॉर्म्स के रिटर्न के बाद यूज़र्स को एक बार फिर अपनी टीम बनाकर खेलने, टूर्नामेंट जॉइन करने और बोनस रिवॉर्ड हासिल करने का मौका मिलेगा।
नई नीति खिलाड़ियों की सुरक्षा को मजबूत करती है —

  • सभी पेमेंट्स सरकार के टैक्स नियमों के अनुसार सुरक्षित रहेंगे
  • KYC और अकाउंट वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा
  • फर्जी अकाउंट, गलत लेन-देन और जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रहेगी
    इन बदलावों से खिलाड़ियों को भरोसा मिलेगा कि उनका पैसा और डेटा दोनों सुरक्षित हैं।
कंपनियों पर लगाए गए प्रमुख नियम

सुप्रीम कोर्ट ने फैंटेसी गेमिंग कंपनियों पर कुछ सख्त शर्तें लागू की हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
इनमें शामिल हैं —

  • किसी भी तरह के बेटिंग या जुए से जुड़े विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक
  • हर यूज़र का KYC अनिवार्य
  • सभी ट्रांजेक्शन एक नियामक संस्था के तहत ट्रैक और मॉनिटर किए जाएंगे
  • प्लेटफॉर्म को पारदर्शी गेमिंग नियम और रिस्क अलर्ट दिखाने होंगे
    इन शर्तों का उद्देश्य गेमिंग को मनोरंजन और स्किल-आधारित एक्टिविटी तक सीमित रखना है।
सरकार की नई भूमिका

कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह एक राष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग पॉलिसी तैयार करे, जो देशभर में एक समान तरीके से लागू हो।
इस पॉलिसी में यह तय किया जाएगा कि —

  • कौन-से गेम स्किल-बेस्ड माने जाएंगे
  • किन पर छोड़ दी जाएगी रेगुलेटरी मॉनिटरिंग
  • बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी
    सरकार की इस सक्रियता से इंडस्ट्री को दीर्घकालिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

पूरे गेमिंग मार्केट में फिर से रौनक

Dream11 की संभावित वापसी ने पूरे ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में फिर से उम्मीद जगाई है।

  • कंपनियों के शेयरों में बढ़त
  • निवेशकों में विश्वास
  • खिलाड़ियों में उत्साह
    उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत को डिजिटल गेमिंग में एक बड़े हब के रूप में स्थापित कर सकता है।

Disclaimer : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई सामग्री किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह नहीं है। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों व सरकारी निर्देशों की पुष्टि अवश्य करें।

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