भारत में सोने-चांदी की कीमतों में आज फिर एक नई करवट देखने को मिली है। लंबे समय से लगातार बढ़ते दामों के बाद अब बाजार से राहत की खबर आई है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आज बुधवार को 22 कैरेट और 24 कैरेट दोनों ही श्रेणी के सोने में गिरावट दर्ज की गई है। त्योहारों के बाद खरीदारी का यह दौर आम उपभोक्ताओं के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
आज सोने का ताजा रेट
बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, आज 24 कैरेट सोने की कीमतों में लगभग ₹600 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट देखी गई है। वहीं 22 कैरेट सोना भी करीब ₹500 तक सस्ता हुआ है। पिछले कुछ दिनों से जिस तेजी का दौर जारी था, उसमें आज थोड़ी नरमी दिखाई दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और मांग में कमी इसका मुख्य कारण है।
निवेशकों के लिए बड़ा मौका
जो लोग लंबे समय से सोना खरीदने की सोच रहे थे, उनके लिए आज का दिन अच्छा अवसर लेकर आया है। शादी-ब्याह के मौसम में जब ज्यादातर लोग खरीदारी करते हैं, तब सोने की कीमत में गिरावट होना बाजार के लिए शुभ संकेत माना जाता है। अगर आने वाले हफ्तों में विदेशी बाजार में स्थिरता बनी रही, तो भावों में और गिरावट संभव है।
चांदी की कीमतों में भी आई नरमी
सोने के साथ-साथ चांदी की दरों में भी आज गिरावट देखने को मिली है। प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में एक किलो चांदी की कीमत करीब ₹1,000 तक नीचे आई है। यह कमी त्योहारों के बाद घरेलू मांग घटने और वैश्विक दरों में नरमी की वजह से दर्ज की गई है। ज्वेलरी व्यापारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में चांदी में स्थिरता की उम्मीद की जा रही है।
सोने की शुद्धता की पहचान ऐसे करें
सोना खरीदते समय सबसे जरूरी बात उसकी शुद्धता होती है। असली सोना हमेशा BIS हॉलमार्क के साथ आता है। 24 कैरेट – 99.9% शुद्ध (999 अंकित), 22 कैरेट – 91.6% शुद्ध (916 अंकित) और 18 कैरेट – 75% शुद्ध (750 अंकित) अगर सोने पर ये नंबर लिखे मिलें तो समझिए आपका सोना असली और प्रमाणित है। नकली या अप्रमाणित सोना बाद में नुकसान का कारण बन सकता है।
कैसे तय होती है सोने-चांदी की कीमत?
सोने-चांदी के दाम रोज़ाना बदलते हैं और यह कई आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय कारणों पर निर्भर करता है। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, कच्चे तेल के दाम, ग्लोबल मांग-आपूर्ति और भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ इन पर सीधा असर डालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता होती है तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं। वहीं जब स्थिति सामान्य होती है तो दरें नीचे आने लगती हैं।
भारत में सोने का महत्व
भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का प्रतीक है। चाहे शादी हो, त्योहार हो या कोई नया काम शुरू करना हो – सोना खरीदना शुभ माना जाता है। यही कारण है कि चाहे कीमतें बढ़ें या घटें, सोने की मांग कभी खत्म नहीं होती। यही परंपरा भारतीय बाजार को विश्व का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनाए रखती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताए गए सोने-चांदी के रेट बाजार की स्थिति और IBJA की रिपोर्ट पर आधारित हैं, जो समय-समय पर बदल सकते हैं। निवेश या खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर या आधिकारिक स्रोत से रेट की पुष्टि अवश्य करें।